
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस भर्ती को लेकर एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है।
प्रदेश में 32,679 पदों पर प्रस्तावित पुलिस भर्ती में अब अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की छूट दी जाएगी। इस संबंध में UP सरकार ने शासनादेश भी जारी कर दिया है।
सरकार का कहना है कि यह फैसला उन युवाओं के हित में लिया गया है, जो भर्ती प्रक्रिया में देरी के चलते उम्र सीमा पार कर चुके थे।
किन पदों पर मिलेगी उम्र में छूट?
अब नीचे दिए गए सभी पदों के लिए तय अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की अतिरिक्त छूट लागू होगी:
- आरक्षी नागरिक पुलिस (पुरुष / महिला)
- PAC आरक्षी
- सशस्त्र पुलिस
- विशेष सुरक्षा बल
- महिला बटालियन
- घुड़सवार पुलिस
- जेल वार्डर (पुरुष / महिला)
यानि जो उम्मीदवार अब तक सिर्फ DOB की वजह से बाहर हो रहे थे, उनके लिए दरवाज़ा फिर से खुल गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पिछले कुछ वर्षों में पुलिस भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार देरी हुई। इसका नतीजा यह रहा कि— हजारों उम्मीदवार age-barred हो गए। कई साल से तैयारी कर रहे युवाओं की उम्मीदें टूट गईं। इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी और सहयोगी दलों के कई विधायकों ने सरकार का ध्यान खींचा।
विधायकों का दबाव और सरकार का फैसला
बीजेपी विधायक दिनेश रावत, शलभमणि त्रिपाठी, वन मंत्री अरुण सक्सेना और निषाद पार्टी के विधायक अनिल त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उम्र में छूट की मांग की थी।

आख़िरकार सरकार ने इस मांग को मान लिया।
सरकारी भर्ती इतनी देर से आती है कि उम्मीदवार की उम्र नहीं— धैर्य खत्म हो जाता है। इस बार योगी सरकार ने मान लिया कि गलती घड़ी की नहीं, सिस्टम की थी।
क्या कहते हैं उम्मीदवार?
अभ्यर्थियों का कहना है कि यह फैसला न्यायसंगत है। समय की भरपाई करता है। और लाखों युवाओं को दूसरा मौका देता है।
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